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जात-पात और भेदभाव भूल कर एक मंच पर लाने का लक्ष्य


 अर्की के चौगान मैदान में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में भारी संख्या में लोगों ने भाग लेकर सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विषयों पर मंथन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जात-पात, भेदभाव और सभी धर्मों को भूल कर एक मंच पर एकत्रित करना है। इस अवसर पर बतौर मुख्यतिथि प्रांत संघ चालक वीर सिंह रांगडा ने शिरकत की जबकि विशेष अतिथि के रूप में मुटरू महादेव के संत श्री प्रेमगिरी जी महाराज, शलाहघाटी के संत श्री किशनपुरी जी महाराज ने शिरकत की।

इस दौरान राजघराने की बहू मयूराक्षी सिंह ने भी महिला सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। इसके उपरांत स्वागत सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सम्मेलन समिति के पदाधिकारियों ने उपस्थित साधु-संतों, वक्ताओं और जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। सम्मेलन के प्रथम सत्र में सामाजिक चुनौतियों में हमारी भूमिका विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आज समाज को संगठित होकर कुरीतियों, नशाखोरी और वैचारिक भ्रम से बाहर निकलने की आवश्यकता है। इसके बाद कुटुंब प्रबोधन विषय पर विचार रखे गए, जिसमें परिवार को संस्कारों की प्रथम पाठशाला बताते हुए बच्चों में भारतीय संस्कृति और मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया गया। द्वितीय सत्र में स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत विषय पर वक्ताओं ने स्थानीय उत्पादों के उपयोग और पारंपरिक व्यवसायों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इसके साथ ही सामाजिक समरसता पर चर्चा करते हुए सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया गया। सम्मेलन के दौरान धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी वक्ताओं ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति हमारी पहचान है और इसकी रक्षा प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। इसके साथ ही छोटी काशी के नाम से मशहूर ग्राम बातल के दशहरा मैदान और शालाघाट के अर्जुन मैदान में भी हिंदु सम्मेलन आयोजित किया गया।

जात-पात और भेदभाव भूल कर एक मंच पर लाने का लक्ष्य जात-पात और भेदभाव भूल कर एक मंच पर लाने का लक्ष्य Reviewed by SBR on December 22, 2025 Rating: 5

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