धामी (हिमाचल प्रदेश):
महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाते हुए धामी क्षेत्र में निटिंग (बुनाई) प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस केंद्र के माध्यम से स्थानीय महिलाओं और युवाओं को व्यावसायिक कौशल सिखाया जाएगा, जिससे वे स्वरोजगार की ओर बढ़ सकें।
यह प्रशिक्षण केंद्र हेल्पिंग हैंड संस्था द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसमें सीएमएस फाउंडेशन, टाटा पावर और उषा इंटरनेशनल का सहयोग प्राप्त है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजगार से जोड़ना और उनके हुनर को एक नई पहचान देना है।
आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
प्रशिक्षण केंद्र में महिलाओं को निटिंग और उससे जुड़े आधुनिक तकनीकी कौशल सिखाए जाएंगे, ताकि वे घर बैठे ही काम कर सकें। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि उनका आत्मविश्वास और सामाजिक सशक्तिकरण भी बढ़ेगा।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में कौशल विकास ही आत्मनिर्भर भारत की असली नींव है। इस प्रकार की पहल से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है और पलायन पर भी रोक लगती है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
इस प्रशिक्षण से युवा वर्ग भी लाभान्वित होगा। उन्हें व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ स्वरोजगार और छोटे उद्योग शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। भविष्य में प्रशिक्षित प्रतिभागियों को बाजार से जोड़ने की भी योजना है, जिससे उनके बनाए उत्पादों को सही मंच मिल सके।
समाज के लिए सकारात्मक पहल
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण केंद्र ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिलता है और समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।
👉 इस पहल से साफ है कि सही दिशा और सहयोग मिलने पर महिलाओं और युवाओं के हुनर को सच में पंख लगाए जा सकते हैं।
Reviewed by SBR
on
February 07, 2026
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