श्रीलंका, बंग्लादेश के बाद अब इस देश में फूटा Zen-g का गुस्सा: युवा प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बरसाए पत्थर और डंडे
श्रीलंका, बंग्लादेश के बाद अब मेक्सिको सिटी की सड़कों पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा। हजारों युवा प्रदर्शनकारी गलियों और चौकों में उतर आए और अपराध तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने गुस्से का इज़हार किया। इस आंदोलन में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि विभिन्न उम्र के लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने अपने-अपने मुद्दों के लिए आवाज उठाई। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन का एक हिस्सा चीन समर्थक राष्ट्रपति के खिलाफ भी था।
पुलिस से भिड़ंत और चोटें
प्रदर्शन तेज होने के बाद हिंसक मोड़ भी लिया। प्रदर्शनकारियों ने पत्थर, डंडे और चेन के सहारे पुलिस पर हमला किया। मेक्सिको सिटी के सुरक्षा सचिव पाब्लो वैजेक के अनुसार, इस झड़प में लगभग 120 लोग घायल हुए, जिनमें 100 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इस हिंसा में 20 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। एक 29 वर्षीय व्यवसायी ने कहा कि उन्हें अधिक सुरक्षा की आवश्यकता महसूस हो रही है। वहीं, एक 43 वर्षीय महिला फिजिशियन ने प्रदर्शन में शामिल होकर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए अधिक फंड की मांग की। उन्होंने कहा कि आज डॉक्टरों को मार दिया जाता है और इसके लिए कोई जवाबदेही नहीं होती।
हत्याओं का डर और सामाजिक गुस्सा
हाल के दिनों में मेक्सिको में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं ने जनता को हिला कर रख दिया है। इनमें पश्चिमी राज्य मिचोआकैन के मेयर की हत्या भी शामिल है। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग उनके समर्थन में भी आए। एक नागरिक, रोजा मारिया एविला ने कहा, “यह राज्य मर रहा है। मेयर को इसलिए मारा गया क्योंकि वह युवा अपराधियों से निपटने के लिए अधिकारियों को भेजता था। वह अपराधियों का मुकाबला करने की हिम्मत रखते थे।”
प्रदर्शन की विविधता
शनिवार को हुए इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न उम्र और पेशों के लोग शामिल थे। युवा प्रदर्शनकारियों ने ऊर्जा और गुस्से का प्रदर्शन किया, जबकि अनुभवी नागरिकों ने अपने अनुभव और समाजिक मुद्दों को उठाया। इस तरह यह प्रदर्शन केवल जेन-जी का आंदोलन नहीं बल्कि एक व्यापक सामाजिक चेतना का प्रतीक बन गया।
Reviewed by SBR
on
November 17, 2025
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